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CCC Online Test [Latest 2019]

Students आज हम आपके साथ [Latest Edition 2019] CCC Online Test, Computer Learning In Hindi, जो की आपके आगामी exam में computer subject में आपको उत्तीण (pass) होने में helpful साबित होगा इसमे आपको exam से सम्बंधित काफी सरे article मिल जायेंगे जिसे खासतोर से आपके competitive exam को ध्यान में रखते हुए taiyari किया गया है जिसमे आपको computer details लेख पढने को मिलेगें, जिसने आपके Computer knowledge (ज्ञान) में बढोत्तरी होगी|

Basic Computer Knowledge

What is Computer कंप्‍यूटर क्‍या है ?

कंप्यूटर शब्द अंग्रेजी के “Compute” शब्द से बना है, जिसका अर्थ है “गणना”, करना होता है इसीलिए इसे गणक या संगणक भी कहा जाता है, इसका अविष्‍कार Calculation करने के लिये हुआ था, पुराने समय में Computer का use केवल Calculation करने के लिये किया जाता था किन्‍तु आजकल इसका use डाक्‍यूमेन्‍ट बनाने, E-mail, listening and viewing audio and video, play games, database preparation के साथ-साथ और कई कामों में किया जा रहा है, जैसे बैकों में, शैक्षणिक संस्‍थानों में, कार्यालयों में, घरों में, दुकानों में, Computer का उपयोग बहुतायत रूप से किया जा रहा है, computer केवल वह काम करता है जो हम उसे करने का कहते हैं यानी केवल वह उन Command को फॉलो करता है जो पहले से computer के अन्‍दर डाले गये होते हैं, उसके अन्‍दर सोचने समझने की क्षमता नहीं होती है, computer को जो व्‍यक्ति चलाता है उसे यूजर कहते हैं, और जो व्‍यक्ति Computer के लिये Program बनाता है उसे Programmer कहा जाता है।
Computer मूलत दो भागों में बॅटा होता है-

  • Software
  • Hardware

नीचे आपको software and hardware के बारे में details में समझाया जायेगा जिससे आप अपनी competitive exam में computer विषय में अच्छे number ला सकेंगे|

What is Software? (सॉफ्टवेयर क्या है)

Software, Programming Language प्रोग्रामिंग भाषा द्वारा लिखे गये निर्देशों की श्रृंखला है, जिसके अनुसार दिए गये Data (डेटा) का Process (प्रोसेस) होता है । बिना software (सॉफ्टवेयर) के computer कोई भी कार्य नहीं कर सकता है । इसका प्राथमिक उद्देश्य data (डाटा) को सूचना में परिवर्तित करना है । software के निर्देशों (instruction) के अनुसार ही Hardware भी कार्य करता है । इसे Program भी कहते हैं । Hardware और Software के बीच communication (संचार) स्थापित करने को interface (इंटरफेस) कहते हैं ।

सभी software license (सॉफ्टवेयर लाइसेंस) के माध्यम से संरक्षित (secure) तथा प्रतिवेधित रहते हैं । software license सॉफ्टवेयर के निर्माता तथा उपयोगकर्त्ता के बीच legal agreement (कानूनी एग्रीमेंट) है, जिसके अन्तगर्त एक से अधिक computer पर software को install करना, code में किसी तरह का रूपान्तरण (changes) और software में किसी तरह का बदलाव करना निषेद्य (prohibited) है । यह software के उपयोग को प्रतिबंधित करता है ।

 

computer software विभिन्न तरह के होते हैं । सामान्यतः इसे तीन वर्गों में वर्गीकृत किया जाता है :

System Software (सिस्टम सॉफ्टवेयर)

यह Computer Hardware को नियंत्रित करता है कि अनुप्रयोग software अच्छी तरह से चल सके । जैसे ऑपरेटिंग सिस्टम (Operating System), डिवाइस ड्राइवर (Device Driver),  विंडोज सिस्टम (windows system) आदि ।

Application Software (अनुप्रयोग सॉफ्टवेयर)

यह user (उपयोगकर्ता) को एक या एक से अधिक कोई विशेष कार्य पूरा करने की अनुमति देता है । उच्च स्तरीय की कम्प्यूटर भाषाओं (computer language) का उपयोग कर अनुप्रयोग software बनाये जाते हैं । software program अंग्रेजी भाषा (English language) का प्रयोग करते हुए लिखा जाता है, अतः user आसानी से computer का उपयोग कर सकता है । जैसे – वर्ड प्रोसेसर (word procesor), औद्योगिक स्वचालन (industrial automation), व्यापार सॉफ्टवेयर (business software) और चिकित्सा सॉफ्टवेयर (medical software) आदि ।

Programming Software (प्रोग्रामिंग सॉफ्टवेयर)

यह आमतौर पर computer program लिखने में एक प्रोग्रामर (programmer) की सहायता करने के लिए उपकरण tools प्रदान करता है, जैसे – पाठ संपादक (text editor), कम्पाइलर (compiler), डि-बगर (D-buger), इन्टरप्रेटर (Interpreter) आदि ।

Computer Generation and History of Computer

आज आप कंप्यूटर पर इंटरनेट चलाते हैँ, गेम खेलते है, वीडियो देखते हैं, गाने सुनते हैँ और इसके अलावा ढेर सारे ऑफिस से संबंधित काम करते हैं आज कंप्यूटर का उपयोग दुनिया के हर क्षेत्र मेँ किया जा रहा है चाहे वो शिक्षा जगत हो, फिल्म जगत हो या आपका ऑफिस हो। कोई भी जगह कंप्यूटर के बिना अधूरी है आज आप कंप्यूटर की सहायता से इंटरनेट पर दुनिया के किसी भी शहर की कोई भी जानकारी सेकेण्‍डों मे प्राप्त कर सकते हैँ ये किसी दूसरे देश मेँ बैठे अपने मित्रोँ और रिश्तेदारोँ से इंटरनेट के माध्यम लाइव वीडियो कॉंफ्रेंसिंग कर सकते हैँ यह सब संभव हुआ है कंप्यूटर की वजह से। सोचिए अगर कंप्यूटर ना होता तो आज की दुनिया कैसी दिखाई देती।

इसमें कोई संदेह नहीं की कंप्यूटर मानव जीवन का सबसे बड़ा अविष्कार है जो मनुष्य के काम को काफी आसान बना चूका. अब कोई ऐसा क्षेत्र नहीं बचा जिसमे कंप्यूटर का प्रवेश नहीं हुआ है.

कंप्यूटर शब्द की उत्पति अंग्रेजी भाषा के कंप्यूट शब्द से हुई है जिसका शाब्दिक अर्थ है गणना करना. अतः कम्प्यूटर का विकास गणितिय गणनाओं को करने के लिए किया गया था.

Computer का इतिहास लगभग 3000 वर्ष पुराना है जब चीन में एक calculation Machine Abacus का अविष्कार हुआ था यह एक Mechanical Device है जो आज भी चीन, जापान सहित एशिया के अनेक देशो में अंको की गणना के लिए काम आती थी.

1822 में चार्ल्स बेबेज ने सबसे पहले Digital Computer बनाया पास्कलिन से प्रेरणा लेकर डिफ्रेन्सियल और एनालिटीकल एनिंजन का अविष्कार किया, उन्होंने 1937 में स्वचालित कंप्यूटर की परिकल्पना की जिसमे कृत्रिम स्मृति तथा प्रोग्राम के अनुरूप गणना करने की क्षमता हो.

कंप्यूटर शुरुआत कहाँ से हुई ओर क्यूँ हुई ? क्या वाकई मेँ कंप्यूटर इन सभी कामाें को करने के लिये बना था या इसका आविष्कार किसी और वजह से हुआ था आइए जानते हैँ –

मानव के लिए गणना करना शुरु से ही कठिन रहा है मनुष्य बिना किसी मशीन के एक सीमित स्तर तक ही गणना या केलकुलेशन कर सकता है ज्यादा बडी कैलकुलेशन करने के लिए मनुष्य को मशीन पर ही निर्भर रहना पड़ता है इसी जरुरत को पूरा करने के लिए मनुष्य ने कंप्यूटर का निर्माण किया, यानी गणना करने के लिए।

What Called Computer in Hindi कंप्यूटर को हिंदी में क्या कहते हैं ?

कंप्यूटर का हिंदी नाम ‘संगणक’ है क्योंकि यह बड़ी से बड़ी गणना करने में सक्षम है.
कंप्यूटर शब्द की उत्पति अर्ग्रेज़ी भाषा के ‘कंप्यूट’ शब्द से हुई है जिसका अर्थ है गणना करना. अर्थात इसका सीधा सा अर्थ है कि कम्पूटर का विकास गणितीय गणनाओं को हल करने के लिए किया गया है.

Who is Father of Computer कंप्यूटर के पिता कौन कहे जाते हैं ?

चुकीं कंप्यूटर का पहली बार निर्माण करने बाले व्यक्ति हैं – Charles Babbage (चार्ल्स बेबेज) अतः इन्हें Computer का founder जनक या पिता कहा जाता है. Charles Babbage (चार्ल्स बेबेज) एक  math के Professor थे जिन्होंने पहली बार Computer का निर्माण किया.

Computer Generation Details in Hindi

19वीं सदी में गणित के एक प्रोफेसर Charles Babbage ‘चार्ल्स बेबेज’ ने कंप्यूटर शब्द से सब को परिचित करवाया. उन्होंने Analytical Engine की रचना की है जिसके आधार पर आज के कंप्यूटर भी काम कर रहे हैं.
सामान्यता, कंप्यूटर को (Three Generation Catagorized) तीन पीढ़ियों में वर्गीकृत किया  गया जा सकता है. हर पीढ़ी एक निश्चित समय तक चली और पीढ़ियों के साथ साथ हमारे Computer का विकास होता गया और हमें और भी बेहतरीन कंप्यूटर मिलने शुरू हो गए.
मैं आप सभी को उन प्रत्येक पीढ़ी के बारे में विस्तार से बता रहा हूँ ~

First Generation Of Compuer (कंप्यूटर की पहली पीढ़ी)

Based On : Vaccum Tubes
Year : 1940-1956

इस पीढ़ी की Computer में Electronic Signal (इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल) को (Control) नियंत्रित तथा प्रसारित करने के लिए Vaccum Tube का उपयोग किया जाता था. चुकीं इन्ही के द्वारा सबसे पहले (Computer) कंप्यूटर का सपना साकार हुआ था इस लिए काफी ज्यादा Computer का निर्माण किया गया.
इस पीढ़ी में उपयोग किये जाने वाले Vaccum Tube का आकार काफी बड़ा होता था जिसके कारण ये काफी जगह घेरते थे. साथ ये उपयोग करते वक्त काफी गर्मी उत्पन्न करते थे. इनमे टूट फुट (damage) तथा खराबी होने की संभावना काफी ज्यादा रहती थी और इसके अलावा इसकी गणना करने की क्षमता भी काफी कम थी.
इस पीढ़ी में निर्मित कंप्यूटर Electronic Numerical Integrator And Computer (ENIAC), EDSAC (Electronic Delay Storage Automatic Computer), UNIVAC (Universal Automatic Computer) इत्यादि हैं.

Second Generation Of Compuer (कंप्यूटर की दूसरी पीढ़ी)

Based On : Transistor
Year : 1956-1953

Computer की ( Second Generation ) दूसरी पीढ़ी में Transistor (ट्रांसिस्टर) का आविष्कार हुआ और इसका उपयोग अब Computer में किया जाने लगा. ये Transistor (ट्रांसिस्टर) Vaccum Tube की अपेक्षा अधिक सक्षम थे तथा इनका आकार भी उनकी अपेक्षा (small size ) काफी छोटा था. इसकी क्षमता अधिक थी और अब कंप्यूटर तेजी से काम करता था. अब पहली पीढ़ी की तुलना में computer छोटा बनने लगा तथा या तेजी से काम भी करने लगा.

Third Generation Of Computer (कंप्यूटर की तीसरी पीढ़ी )

Based On : Integrated Circuit
Year : 1963-1971

इस पीढ़ी के कम्प्यूटर में integrated circuit (इंटीग्रेटेड सर्किट) का प्रयोग की जाने लगा जो Transistor (ट्रांजिस्टर) से भी काफी छोटा था. इस पीढ़ी के computer की क्षमता काफी बढ़ चुकी थी और अब एक ही साथ एक से अनेक computer का प्रयोग किया जा सकता था. चुकी इसमें ( silicon chip ) सिलिकॉन चिप से बनी छोटे सी integrated circuit (इंटीग्रेटेड सर्किट) का प्रयोग किया जाता था अतः इसका आकार अब काफी छोटा हो गया था. अब इस generation के computer का प्रयोग घर में भी बड़े स्तर पर होने लगा. इस पीढ़ी के computer की गति micro second (माइक्रो सेकंड) से Nanosecond (नैनो सेकंड) तक थी जिसका मुख्य कारन ( integrated circuit ) इंटीग्रेटेड सर्किट का उपयोग था.

Fourth Generation Of Computer ( कंप्यूटर की चौथी पीढ़ी )

Based On : Microprocessor
Year : 1971- आज तक

आज हम सभी ज्यादातर इसी पीढ़ी generation के computer का उपयोग करते हैं जिसमे गोद में चलाने बाला Laptop भी शामिल है. इस पीढ़ी के computer में Microprocessor (माइक्रोप्रोसेसर) का प्रयोग करने से इसका आकार काफी छोटा हो चूका है जिसे हम अपने साथ कही भी ले जा सकते हैं.
इस प्रकार के कंप्यूटर में VSLI की मदद से हजारों Transistor (ट्रांसिस्टर) को एक साथ जोड़ा सकता है और इसकी गति को काफी तेज बनाया जा सकता है.
इस पीढ़ी के ही computer का उपयोग अब हम सभी personal computer (पर्सनल कंप्यूटर) के रूप में भी करने लगे. computer के क्षेत्र में सबसे बड़ी revolution (क्रांति) इस generation (पीढ़ी) को माना जाता है.

Fifth Generation Of Computer ( कंप्यूटर की पांचवी पीढ़ी )

Based On : Artificial Intelligence
Year : भविष्य

कंप्यूटर की जो अगली पीढ़ी है जिसपर अभी काम चल रहा है और कुछ हद तक सफलता भी मिल चुकी है वो है Artificial Intelligence पर आधारित कंप्यूटर. इस प्रकार के कंप्यूटर सभी काम खुद से करने में सक्षम होंगे.

इस तरह के कंप्यूटर को हम रोबोट, और अलग प्रकार के मशीनों में देख सकते हैं जो मानव से भी अधिक काम करने में सक्षम होगा.